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धनराम पढ़ाई क्यों छोड़ देता है ? |
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Answer» मोहन और धनराम एक ही वर्ग में साथ-साथ पढ़ते है। मोहन मेधावी और तेजस्वी था। किन्तु धनराम पढ़ाई में कमजोर था। मास्टर त्रिलोक सिंह मोहन की पढ़ाई से खुश थे और वे उसे स्कूल का मोनिटर भी बनाते है तथा कमजोर छात्रों को पीटाई करने का, कान खींचने का भी आदेश देते थे। धनराम भी कई बार मोहन की मार खा चुका था। इसलिए थोड़ी बहुत ईर्ष्या भी मोहन के प्रति, फिर भी वह मोहन के प्रति आदर और स्नेह रखता है। एक दिन धनराम को तेरह का पहाड़ा नहीं आया। तो मास्टर जी ने उन्हें मारने के बजाय जबान की चाबुक से खूब खरी-खोटी सुनाते है। मास्टर जी की बातें धनराम के दिल को चोंट पहुँचाती है।आखिर विवश होकर धनराम पढ़ाई छोड़कर लुहारी का अपना पुस्तैनी काम करने लगता है। |
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