1.

तेरे दिमाग में तो लोहा भरा है रे ! विद्या का ताप कहाँ लगेगा इसमें ? – कहानी का यह वाक्य(क) किसके लिए कहा गया है ?(ख) किस प्रसंग में कहा गया है ?(ग) किस आशय से कहा गया है ?

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(क) यह वाक्य धनराम के लिए कहा गया है।

(ख) धनराम को बारह का पहाड़ा तो पूरी तरह याद आ गया था किन्तु तेरह का पहाड़ा उसके लिए पहाड़ हो गया था । मास्टरजी जब धनराम से तेरह का पहाड़ा पूछते हैं तब वह लड़खड़ा जाता है। तब मास्टरजी बेंत का उपयोग करने के बजाय जबान की चाबुक लगा देते है।

(ग) चमड़े की चाबुक की चोट से तो शरीर पर घाव लगता है जो जल्दी भर जाता है किन्तु जबान की चाबुक से तो मन और हृदय को चोट पहुँचती है जो कभी नहीं भरती है। यह वाक्य धनराम पर इतना हावी हो जाता है कि वह पढ़ाई छोड़कर पुश्तैनी काम में जुट जाता है।



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