This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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बुद्धिमान लोग किनकी बातों पर ध्यान नहीं देते? |
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Answer» बुद्धिमान लोग मूरों की बातों पर ध्यान नहीं देते। |
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“उन्हें बहुत ग्लानि हो गयी है, ऐसा न हो, कहीं चल दें।” |
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Answer» प्रसंग : प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्य पुस्तक ‘साहित्य वैभव’ की कहानी ‘बड़े घर की बेटी’ । से लिया गया है जिसके कहानीकार मुंशी प्रेमचन्द जी हैं। |
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बेटा, बुद्धिमान लोग मूरों की बात पर ध्यान नहीं देते। |
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Answer» यह वाक्य बेनीमाधव ने श्रीकंठ से कहा। |
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वाक्य शुद्ध कीजिए।आनंदी अपने नये घर में आया। |
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Answer» आनंदी अपने नये घर में आयी। |
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वाक्य शुद्ध कीजिए।स्वयं उनका पत्नी को ही इस विषय में उनसे विरोध थी। |
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Answer» स्वयं उनकी पत्नी को ही इस विषय में उनसे विरोध था। |
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वाक्य शुद्ध कीजिए।उनकी पितामह किसी समय बड़े धन-धान्य सम्पन्न थे। |
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Answer» उनके पितामह किसी समय बड़े धन-धान्य संपन्न थे। |
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बड़े घर की बेटी’ कहानी के लेखक कौन हैं? |
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Answer» ‘बड़े घर की बेटी’ कहानी के लेखक उपन्यास सम्राट प्रेमचन्द हैं। |
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गौरीपुर गाँव के जमीनदार कौन थे? |
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Answer» बेनीमाधव सिंह गौरीपुर गाँव के जमीनदार थे। |
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बेनीमाधव सिंह किस गाँव के ज़मीनदार थे? |
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Answer» बेनीमाधव सिंह गौरीपुर गाँव के ज़मीनदार थे। |
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बिगड़ता हुआ काम कौन बना लेती हैं? |
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Answer» बड़े घर की बेटियाँ बिगड़ता हुआ काम बना लेती हैं। |
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पुरुराज क्या कहकर सिकंदर का अभिवादन करता है। |
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Answer» पुरुराज मै भारतवीर कहकर सिकंदर का अभिवादन करता है। |
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राधा कहाँ पढ़ती है? |
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Answer» राधा सेन्ट्रल स्कूल में पढ़ती है। |
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कौन पुरूराजा का मित्र बना? |
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Answer» सिकंदर पुरूराजा का मित्र बना। |
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आशुद्ध शब्दों को शुद्ध करो :1. सीकंदर 2. भारात 3. बिजय 4. पूरूराजा 5. दंबी 6. टीक |
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Answer» 1. सीकंदर – सिकंदर |
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भारत की एकता कैसी है? |
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Answer» भारत की एक्ता सुदृढ है। |
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प्रेरणार्थक शब्द लिखो:1) करना 2) पढना 3) चरना 4) बनना 5) दौडना 6) उठना |
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Answer» 1) करना – कराना |
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समानार्थक शब्दः1) आधिक 2) शरीर 3) फायदा 4) सर्दी 5) नमस्कार 6) विचार |
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Answer» 1) आधिक – जयादा 2) शरीर – देह 3) फायदा – लाभ 4) सर्दी – शरद काल 5) नमस्कार – अभिवादन 6) विचार – सोच |
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आन्य लिंग रूप:1) सिंह 2) सम्राट3) आदमी 4) राजा 5) जननी 6) नौकर |
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Answer» 1) सिंह – सिंहिनी |
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आन्य वचन रूप लिखो:1. बेडी 2. सेना 3. माला 4. देश 5. पिंजरा 6. वस्फ़्तु |
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Answer» 1. बेडी – बडे |
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बन्दी होने पर भी अपने को कौन वीर मानता है। |
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Answer» बन्दी होने पर भी पुरुराज अपने को भारतीय धीर मानता है। |
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किस स्थिति में भी वीर, वीर ही होता |
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Answer» हर स्थिति मे भी वीर, वीर ही होता है? |
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भारत को तोडकर उसे कौन जीतना चाहता था |
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Answer» भारत को तोडकर उसे सिकंदर जीतना चाहता था |
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किसके लिए भारत – विजय कठिन है? |
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Answer» सिकंदर के लिए भारत विजय कठिन है। |
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विलोम शब्द :1. सत्य 2. मित्र 3. स्वर्ग 4. विजय 5. कठिन 6. बन्धन |
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Answer» 1. सत्य x असत्य |
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राष्ट्रीयता के विकास में दो उत्तरदायी तत्त्वों का उल्लेख कीजिए।याराष्ट्रवाद के दो कारण लिखिए। याराष्ट्रीयता के किन्हीं दो तत्त्वों का वर्णन कीजिए। |
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Answer» राष्ट्रीयता के विकास में दो उत्तरदायी तत्त्व निम्नवत् हैं- 1. भाषायी एकता – भाषा की एकता भी राष्ट्रीयता का एक निर्माणक तत्त्व है और राष्ट्रीयता के निर्माण में जातीय एकता की अपेक्षा भाषा की एकता का महत्त्व अधिक है। इस सम्बन्ध में बर्नार्ड जोजफ ने तो यहाँ तक कहा है, “भाषा राष्ट्रीयता का सबसे शक्तिशाली तत्त्व है।” सामान्य भाषा ऐतिहासिक परम्पराओं को जीवित रखने में सहायक होती है और एक ऐसे राष्ट्रीय मनोविज्ञान को जन्म देती है जिसमें सामान्य नैतिकता का विकास सम्भव होता है, लेकिन सामान्य भाषा के बिना भी राष्ट्रीयता का विकास हो सकता है और एक भाषायी क्षेत्र भी पृथक्-पृथक् राष्ट्र हो सकते हैं। उदाहरणार्थ, स्विट्जरलैण्ड और भारत में एक से अधिक भाषाएँ बोली जाने पर भी ये एक राष्ट्र हैं और अमेरिका तथा कनाडा में एक ही भाषा बोले जाने पर भी ये पृथक्-पृथक् राष्ट्र हैं। 2. जातीय एकता – लम्बे समय तक जातीय एकता राष्ट्रीयता का सबसे मुख्य आधार रहा है। ऐसा माना जाता है कि राष्ट्रीयता एक विशेष प्रकार की आत्मिक चेतना के भाव का नाम है। जिसमें समान जातीयता का तत्त्व शायद सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण होता है, किन्तु अब राष्ट्रीयता के निर्माणक तत्त्व के रूप में जातीयता का महत्त्व कम होता जा रहा है और प्रो० हेज के शब्दों |में कहा जा सकता है, “यदि कहीं रक्त की पवित्रता मिल सकती है तो वह केवल असभ्य जातियों में ही सम्भव है।’ स्विट्जरलैण्ड, भारत, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका इस बात के उदाहरण हैं कि जातीय एकता राष्ट्रीयता के निर्माण हेतु आवश्यक नहीं है। |
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अन्तर्राष्ट्रीयता की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। याअन्तर्राष्ट्रीयता के पक्ष में दो तर्क दीजिए। यालघु उत्तर दीजिए- अन्तर्राष्ट्रीयता के गुण। |
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Answer» अन्तर्राष्ट्रीयता की विशेषताएँ या गुण निम्नलिखित हैं- ⦁ जिस प्रकार राष्ट्रीयता देश-प्रेम की भावना है, उसी प्रकार अन्तर्राष्ट्रीयता विश्व-प्रेम की भावना है। अन्तर्राष्ट्रीयता विश्वबन्धुत्व की आध्यात्मिक भावना का रूपान्तर है। |
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अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में सहायक किन्हीं चार तत्त्वों का वर्णन कीजिए। |
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Answer» अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में सहायक चार तत्त्व निम्नवत् हैं- 1. वैज्ञानिक आविष्कार – आधुनिक युग विज्ञान का युग है और इस युग में वैज्ञानिक खोजों और आविष्कारों के कारण विश्व के सभी देश एक-दूसरे के बहुत निकट आ गये हैं। रेल, मोटर, जहाज, वायुयान, तार, टेलीफोन, रेडियो आदि ने विभिन्न राज्यों के बीच की दूरी को समाप्त कर सम्पूर्ण विश्व को एक इकाई बना दिया है। वैज्ञानिक आविष्कारों के कारण विश्व के जिस नवीन रूप का उदय हुआ है, उससे अन्तर्राष्ट्रीयता को विशेष प्रोत्साहन मिला है। |
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राष्ट्रीयता की परिभाषा दीजिए। ‘राष्ट्रीयता के विकास में बाधक तत्त्वों पर प्रकाश डालिए।या‘राष्ट्रीयता के विकास में बाधक तत्त्वों तथा उनको दूर करने के उपायों का वर्णन कीजिए।याराष्ट्रीयता के विकास में बाधक किन्हीं दो तत्त्वों का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» राष्ट्रीय भावना (राष्ट्रीयता) के विकास में बाधक तत्त्व राष्ट्रीयता के विकास में बाधक तत्त्व निम्नवत् हैं- 1. अज्ञान और अशिक्षा – शिक्षा राज्य में रहने वाले मनुष्यों को मानसिक रूप से एक-दूसरे के समीप लाकर उनमें एक सामान्य दृष्टिकोण को जन्म देती है जिसका परिणाम राष्ट्रीयता होता है। इसके नितान्त विपरीत अज्ञान और अशिक्षा मानव मस्तिष्कों के मेल में बाधक सिद्ध होते हैं और इनके द्वारा राष्ट्रीयता के विकास में बाधा ही डाली जाती है। राष्ट्रवाद के मार्ग की बाधाओं को दूर करने के उपाय |
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भाषा की एकता कैसे राष्ट्रीयता का निर्माण करने में सहायक है ? |
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Answer» राष्ट्रीयता के निर्माण में भाषा की एकता का केन्द्रीय महत्त्व है। किसी जन-समूह में पायी जाने वाली सामान्य भाषा एक सामान्य साहित्य, संस्कृति तथा गौरव को जन्म देती है। रैम्जे म्योर के अनुसार, “राष्ट्र के निर्माण में भाषा जाति की अपेक्षा अधिक महत्त्वपूर्ण होती है।” मैक्स हिल्डबर्ट बोहम का कथन है कि “आधुनिक राष्ट्रीयता का सम्भवतः सबसे महत्त्वपूर्ण तत्त्व भाषा है। सामान्य भाषा ऐतिहासिक परम्पराओं को जीवित रखने में सहायक सिद्ध होती है। किन्तु यह आवश्यक नहीं है कि बिना सामान्य भाषा के राष्ट्रीयता हो ही नहीं सकती। स्विट्जरलैण्ड में अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं फिर भी वह एक राष्ट्र है। अमेरिका और कनाडा के निवासी एक ही भाषा बोलते हैं, परन्तु अलग-अलग राष्ट्र हैं। भारत में अनेक भाषाएँ बोली जाती हैं फिर भी भारत एक राष्ट्र के रूप में है। अनुभवी विद्वानों का विचार है कि शिक्षा के प्रसार से धीरे-धीरे सामान्य भाषा की उपयोगिता शिथिल होती जाएगी। |
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संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव का निर्वाचन कैसे होता है? |
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Answer» संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव की नियुक्ति सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर साधारण सभा द्वारा 5 वर्षों के लिए की जाती है। |
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‘राष्ट्रवाद; सैन्यवाद एवं युद्ध को जन्म देता है।’ इस कथन की विवेचना कीजिए। |
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Answer» जब किसी देश की राष्ट्रीयता की भावना अपने उग्र रूप में चरम शिखर पर पहुँच जाती है तो यह दूसरे देशों के लिए एक बड़ा खतरा बन जाती है। राष्ट्रीयता के कारण अपने राष्ट्र को सर्वश्रेष्ठ समझने की प्रवृत्ति पनपती है। इससे दूसरे राष्ट्रों के प्रति घृणा और अपनी राष्ट्रीय पद्धति उन पर थोपने की भावना पैदा होती है; अतः युद्धों का जन्म होता है और युद्ध के लिए सेना की आवश्यकता पड़ती है, जिससे सैन्यवाद को प्रोत्साहन मिलता है। फ्रांस और जर्मनी के नागरिक सैकड़ों वर्षों तक इसी भावना के कारण एक-दूसरे को शत्रु समझते रहे। प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध का मूल कारण राष्ट्रवाद ही था। हेज ने लिखा है, “वर्तमान शताब्दी के अधिकांश युद्धों का कारण राष्ट्रवाद है। इसने विगत सौ वर्षों में जितना रक्तपात कराया है, उतना मध्ययुग के कई सौ वर्षों में धर्म या किसी अन्य तत्त्व ने नहीं कराया।” |
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“स्वस्थ राष्ट्रीयता अन्तर्राष्ट्रीयता की आधारशिला है।” इस कथन के आधार पर राष्ट्रीयता तथा अन्तर्राष्ट्रीयता के सम्बन्धों की व्याख्या कीजिए।याक्या राष्ट्रवाद विश्व-शान्ति के लिए हानिकारक है?याक्या राष्ट्रवाद और अन्तर्राष्ट्रवाद परस्पर विरोधी हैं?याराष्ट्रवाद तथा अन्तर्राष्ट्रीयवाद में सम्बन्ध बताइए। |
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Answer» राष्ट्रवाद और अन्तर्राष्ट्रवाद का पारस्परिक सम्बन्ध वर्तमान समय की एक महत्त्वपूर्ण समस्या है। इन दोनों के पारस्परिक सम्बन्ध के विषय पर दो परस्पर विरोधी धारणाएँ प्रचलित हैं। प्रथम, और मात्र सतही अध्ययन पर आधारित धारणा के अन्तर्गत राष्ट्रवाद और अन्तर्राष्ट्रवाद को परस्पर विरोधी कहा जाता है। इस श्रेणी के विचारकों का कथन है कि राष्ट्रवाद का तात्पर्य व्यक्ति का अपने प्रदेश के प्रति अनन्यतापूर्ण प्रेम है, जबकि अन्तर्राष्ट्रवाद का आशय यह है कि व्यक्ति अपने आपको सम्पूर्ण मानवीय जगत् का एक सदस्य समझकर सम्पूर्ण मानवीय जगत् के प्रति आस्था रखे। |
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संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं? यासंयुक्त राष्ट्र संघ के दो प्रमुख उद्देश्यों को लिखिए। |
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Answer» संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा-पत्र के अनुसार इसके निम्नलिखित चार प्रमुख उद्देश्य हैं। ⦁ सामूहिक व्यवस्था द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति एवं सुरक्षा बनाये रखना और आक्रामक प्रवृत्तियों को नियन्त्रण में रखना। |
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अन्तर्राष्ट्रीयता से आप क्या समझते हैं? इसके विकास और सफलताओं पर प्रकाश डालिए।याअन्तर्राष्ट्रीयता का क्या तात्पर्य है? अन्तर्राष्ट्रीयता की भावना विकसित करना क्यों आवश्यक है? दो कारण लिखिए तथा उदाहरण देकर समझाइए।याअन्तर्राष्ट्रीयता से आप क्या समझते हैं? इसके विकास के मार्ग की प्रमुख बाधाओं का उल्लेख कीजिए। याअन्तर्राष्ट्रीयता से आप क्या समझते हैं? इसके मार्ग में आने वाली प्रमुख बाधाओं का उल्लेख कीजिए। याअन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में बाधक तत्त्वों का वर्णन कीजिए।याअन्तर्राष्ट्रीयता के विकास के मार्ग में आने वाली प्रमुख बाधाओं की चर्चा कीजिए। |
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Answer» अन्तर्राष्ट्रीयता ⦁ गोल्डस्मिथ के अनुसार, “अन्तर्राष्ट्रीयता एक भावना है जिसके अनुसार व्यक्ति केवल अपने राज्य का ही सदस्य नहीं, वरन् समस्त विश्व का नागरिक है।” अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में सहायक तत्त्व ⦁ विश्व-बन्धुत्व – विश्व-बन्धुत्व की धारणा अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में एक प्रमुख सहायक तत्त्व है। सभी मनुष्य भाई-भाई हैं। सबको एक ही ईश्वर ने जन्म दिया है। इन आध्यात्मिक सिद्धान्तों ने अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में बहुत योग दिया है। अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में बाधक तत्त्व |
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संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद् के संगठन का वर्णन कीजिए। |
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Answer» यह संयुक्त राष्ट्र संघ की कार्यकारिणी है। संघ में इसका स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण है। सुरक्षा परिषद् में 5 स्थायी सदस्य तथा 10 अस्थायी सदस्य हैं। स्थायी सदस्य हैं—संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस तथा साम्यवादी चीन। शेष 10 अस्थायी सदस्यों का चुनाव साधारण महासभा द्वारा 2 वर्ष के लिए किया जाता है। सुरक्षा परिषद् का प्रमुख कार्य विश्व-शान्ति बनाये रखना है। परिषद् में कार्य-विधि सम्बन्धी विषयों पर 15 सदस्यों में से 9 सदस्यों के मत से निर्णय हो जाते हैं, परन्तु अन्य सभी विषयों पर इन 9 मतों में 5 स्थायी सदस्यों के मत आवश्यक होते हैं। प्रत्येक स्थायी सदस्य को निषेधाधिकार (Veto) प्राप्त होता है। अन्तर्राष्ट्रीय विवादों को निपटाने में सुरक्षा परिषद् ने बहुत सराहनीय कार्य किये हैं। यदि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कोई विवाद परस्पर बातचीत, मध्यस्थों द्वारा, अन्य प्रतिबन्ध लगाकर हल न किया जा सके तो यह आक्रामक राष्ट्र के विरुद्ध सैन्य कार्यवाही कर सकती है। |
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संयुक्त राष्ट्र की साधारण सभा (महासभा) पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। |
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Answer» यह संयुक्त राष्ट्र संघ का सबसे प्रमुख अंग है। संघ के सभी सदस्य साधारण महासभा के सदस्य होते हैं। यह सभा प्रतिवर्ष अपने अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव करती है। प्रत्येक राज्य साधारण महासभा में अपने 5 प्रतिनिधि भेज सकता है, परन्तु उनका केवल एक मत होता है। साधारण महासभा का वर्ष में केवल एक अधिवेशन सितम्बर माह के तीसरे गुरुवार को प्रारम्भ होता है। आवश्यकता अनुभव होने पर महामन्त्री विशेष अधिवेशन भी बुला सकता है। सभी महत्त्वपूर्ण प्रश्नों का निर्णय 2/3 बहुमत से और अन्य प्रश्नों का निर्णय साधारण बहुमत से किया जाता है। साधारण महासभा यद्यपि मुख्य रूप से चार प्रकार के कार्य करती है-विचार-विमर्श सम्बन्धी, निर्वाचन सम्बन्धी, आर्थिक और संवैधानिक। इनमें सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य विचार-विमर्श सम्बन्धी है। यह अपनी महत्त्वपूर्ण सिफारिशें सुरक्षा परिषद् को भेजती है। साधारण महासभा सुरक्षा परिषद् के 10 अस्थायी सदस्यों, आर्थिक व सामाजिक परिषद् के 54 सदस्यों व अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय के न्यायाधीशों को चुनती है। यह महासचिव के चुनाव में भाग लेती है, संघ के बजट पर विचार करती है व स्वीकार करती है। अपने 2/3 बहुमत से घोषणा-पत्र में संशोधन कर सकती है। शान्ति के लिए एकता प्रस्ताव से साधारण महासभा के महत्त्व और शक्तियों में आशातीत वृद्धि हुई है। |
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संयुक्त राष्ट्र के गठन के उद्देश्य क्या थे? इसके अंगों का संक्षिप्त वर्णन कीजिए। |
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Answer» संयुक्त राष्ट्र संघ संयुक्त राष्ट्र संघ के उद्देश्य ⦁ अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति व सुरक्षा बनाये रखना और इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए शान्ति विरोधी तत्त्वों का निराकरण व आक्रामक कृत्यों को दूर करना। सदस्यता (Membership) प्रारम्भ में ही संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले 51 राज्य इसके प्रारम्भिक सदस्य हैं। घोषणा-पत्र के अनुसार उन राज्यों को भी सदस्यता प्रदान की जा सकती है, जिन्हें सुरक्षा परिषद् के 5 स्थायी सदस्यों सहित सुरक्षा परिषद् के बहुमत और साधारण सभा के 2/3 बहुमत का समर्थन प्राप्त हो। किसी देश की शान्तिप्रियता, विधान के नियमों को स्वीकार करने तथा संघ के उत्तरदायित्व को पूरा करने की समर्थता भी संघ की सदस्यता के लिए अनिवार्य है। घोषणा-पत्र के सिद्धान्त का उल्लंघन किये जाने पर सम्बन्धित राज्य को संघ से निकाला जा सकता है। संघ की सदस्य संख्या में निरन्तर वृद्धि होती रही है और वर्तमान समय में इस संगठन की सदस्य संख्या 193 हो गई है। महत्त्वपूर्ण तथ्य यह है कि स्विट्जरलैण्डे तटस्थता की विदेशी नीति का पालन करता है तथा विश्व के विभिन्न राष्ट्रों के आपसी विवादों से स्वयं को पूर्णतया अलग रखने की इच्छा के कारण उसने 2001 ई० तक संयुक्त राष्ट्र संघ की सदस्यता प्राप्त नहीं की। यदि कोई सदस्य देश संयुक्त राष्ट्र के नियमों-आदेशों की लगातार अवहेलना करता है, तो सुरक्षा परिषद् की सिफारिश पर महासभा उसकी सदस्यता समाप्त कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र संघ के मुख्य अंग और उनके कार्य इनमें से प्रत्येक के संगठन और कार्यों का संक्षिप्त वर्णन निम्न प्रकार है- सुरक्षा परिषद् के प्रमुख कार्य – सुरक्षा परिषद् के प्रमुख कार्य निम्नवत् हैं- 3. आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् – परिषद् के इस अंग की स्थापना का उद्देश्य आर्थिक एवं सामाजिक रूप से पिछड़े हुए राष्ट्रों को आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति के लिए सहायता देना है। इसके 54 सदस्यों का कार्य अन्तर्राष्ट्रीय अर्थ, समाज, स्वास्थ्य तथा शिक्षा एवं संस्कृति आदि से सम्बन्धित समस्याओं का अध्ययन कर इनके समाधान हेतु योजना बनाना होता है। |
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संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना की तिथि एवं वर्ष लिखिए। |
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Answer» 24 अक्टूबर, 1945 |
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संयुक्त राष्ट्र संघ के दो अंगों के नाम लिखिए।यासंयुक्त राष्ट्र संघ के चार अंगों के नाम लिखिए। |
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Answer» ⦁ महासभा, |
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सुरक्षा परिषद् में कुल कितने सदस्य हैं? |
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Answer» सुरक्षा परिषद् में कुल पन्द्रह सदस्य होते हैं। |
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सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य है(क) भारत(ख) स्पेन(ग) जर्मनी(घ) चीन |
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Answer» सही विकल्प है (घ) चीन |
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संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्य कार्यालय कहाँ है? |
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Answer» न्यूयॉर्क (अमेरिका) में। |
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राष्ट्रवाद से आप क्या समझते हैं? इसकी प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए। याराष्ट्रवाद (राष्ट्रीयता) के गुण-दोषों की विवेचना कीजिए। याक्या राष्ट्रीयता विकास में बाधक है? याक्या उग्र राष्ट्रवाद विश्व-शान्ति के मार्ग की बाधा है? व्याख्या कीजिए। या‘राष्ट्रीयता एक अभिशाप है।’ स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» राष्ट्रीयता के गुण ⦁ राजनीतिक एकता की शिक्षक – राष्ट्रीयता की भावना के कारण भी लोग मिलकर रहना सीखते हैं। राष्ट्रीयता के दोष-राष्ट्रीयता एक अभिशाप राष्ट्रीयता के मुख्य दोष निम्नलिखित हैं- 1. विश्व-शान्ति के लिए घातक – उग्र-राष्ट्रीयता मानवता और विश्व-शान्ति के लिए घातक है। उग्र-राष्ट्रीयता की भावना के कारण ही एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र से घृणा करता है। |
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सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्यों के नाम बताइए।यासुरक्षा परिषद के दो स्थायी सदस्यों के नाम बताइए। |
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Answer» सुरक्षा परिषद् के स्थायी सदस्य हैं- संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस तथा साम्यवादी चीन (एशिया से)। |
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अन्तर्राष्ट्रीयता के मार्ग में आने वाली दो बाधाएँ क्या हैं? |
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Answer» ⦁ साम्राज्यवाद तथा |
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अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में सहायक दो तत्त्व बताइए। |
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Answer» ⦁ यातायात के साधनों का विकास तथा |
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अन्तर्राष्ट्रीयता के पक्ष में दो तर्क दीजिए। |
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Answer» ⦁ विश्व सरकार की कल्पना का साकार होना – अन्तर्राष्ट्रीयता की भावना के द्वारा ही विश्व सरकार की कल्पना को मूर्त रूप दिया जा सकता है। |
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राष्ट्रवाद के दो लाभ बताइए। |
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Answer» राष्ट्रवाद के दो लाभ निम्नवत् हैं- ⦁ देश-प्रेम का आधार – राष्ट्रीयता और देशभक्ति पर्यायवाची शब्द हैं। राष्ट्रीयता व्यक्तियों को अपने देश के प्रति प्रेम करना सिखाती है। जब व्यक्ति अपने देश से प्रेम करने लगते हैं तो वे देश की उन्नति करने का प्रयत्न भी करते हैं। |
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राष्ट्रवाद के दो कारकों को लिखिए। याराष्ट्रवाद के दो गुण बताइए। |
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Answer» ⦁ राष्ट्रीयता साहित्य और संस्कृति का विकास करती है। |
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राष्ट्र तथा राष्ट्रीयता में कोई दो अन्तर बताइए। |
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Answer» राष्ट्र तथा राष्ट्रीयता में दो मूलभूत अन्तर निम्नवत् हैं- ⦁ राष्ट्रीयता एक पवित्र भावना है, जो क्षेत्र, भाषा, धर्म, जाति, सम्प्रदाय, संस्कृति और सभ्यता की भिन्नता होते हुए भी लोगों को एकता के सूत्र में बाँधकर राष्ट्र को सुदृढ़ तथा संगठित करती है। यह एक नैतिक तथा मनोवैज्ञानिक अवधारणा है। इसके विपरीत, जब राष्ट्रीयता राजनीतिक एकता तथा स्वतन्त्रता प्राप्त कर लेती है तो वह राष्ट्र कहलाने लगती है। उदाहरणस्वरूप सन् 1947 से पूर्व भारतीय मुस्लिम एक राष्ट्रीयता के प्रतीक थे। परन्तु जब पाकिस्तान नामक एक अलग राज्य की स्थापना हुई तो वे पाकिस्तान में एक राष्ट्र कहलाने लगे। |
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