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This section includes InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.

116951.

पुरुष को किस बात का डर है ?

Answer»

बच्चों ने जिस जमीन पर पौधा लगाया है वह जमीन उस पुरुष की है। पुरुष को इस बात का डर है कि किसी दिन बच्चों के माँ-बाप कह सकते हैं कि यह पेड़ उनके बेटे का लगाया हुआ है। इसलिए यह जमीन भी उनकी है।

116952.

इस एकांकी से हमे क्या संदेश मिलता है ?

Answer»

‘नन्हा-सा पौधा’ एकांकी से हमें अपने देश की विविधता में एकता का संदेश मिलता है।

116953.

‘सर हिमालय का हमने न झुकने दिया’, इस पंक्ति में हिमालय किस बात का प्रतीक है?

Answer»

‘सर हिमालय का हमने न झुकने दिया इस पंक्ति में हिमालय भारत के मान-सम्मान का प्रतीक है। 1962 में भारत चीन की लड़ाई हिमालय की घाटियों में लड़ी गई थी। हमारे अनेक सैनिक इस युद्ध में लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुए थे। हिमालय की बर्फीली चोटियों पर भारतीय जवानों ने बहादुरी एवं बलिदान की अनोखी मिसाल कायम की थी। भारतीय सेना के वीर जाँबाजों ने अपने प्राणों का बलिदान देकर भारत के सम्मान की रक्षा की थी।

116954.

कवि ने ‘साथियो’ संबोधन का प्रयोग किसके लिए किया है?

Answer»

कवि ने ‘साथियो’ संबोधन का प्रयोग देशवासियों के लिए किया है, जो देश की एकता को दर्शा रहा है। देशवासियों का संगठन ही देश को प्रगतिशील, विकासशील तथा समृद्धशाली बनाता है। देशवासियों का परस्पर साथ ही देश की ‘अनेकता में एकता’ जैसी विशिष्टता को मजबूत बनाता है।

116955.

इस गीत में धरती को दुलहन क्यों कहा गया है?

Answer»

गीत में धरती को दुल्हन इसलिए कहा गया है, क्योंकि सन् 1962 के युद्ध में भारतीय सैनिकों के बलिदानों से, उनके रक्त से धरती लाल हो गई थी, मानो धरती ने किसी दुलहन की भाँति लाल पोशाक पहन ली हो अर्थात भारतीय सैनिकों के रक्त से पूरी युद्धभूमि लाल हो गई थी।

116956.

‘फ़िल्म का समाज पर प्रभाव’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।

Answer»

फ़िल्म को समाज पर प्रभाव- फ़िल्में हमारे समाज का प्रतिबिंब होती हैं। तत्कालीन समाज में जो कुछ घटित होता है। उसका जीता-जागता चित्र फ़िल्मों में दिखाया जाती है। इनका निर्माण समाज के द्वारा समाज में उच्च मानवीय मूल्यों की स्थापना एवं सामाजिक विकास के लिए किया जाता है। फ़िल्मों से एक ओर जहाँ समाज का मनोरंजन होता है वहीं फ़िल्में समाज को संदेश देते हुए कुछ करने के लिए दिशा दिखा जाती हैं। ‘हकीकत’ कुछ ऐसी ही फ़िल्म थी जिसे देखकर अपनी मातृभूमि के लिए कुछ कर गुजरने का जोश पैदा हो जाता है। 

फ़िल्में सामाजिक बदलाव लाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सामाजिक कुरीतियाँ-दहेज प्रथा, नशाखोरी, जातिवाद आदि पर अंकुश लगाने में फ़िल्मों की भूमिका सराहनीय होती है। युवा पीढ़ी को संस्कारित करने तथा उनमें मानवीय मूल्य प्रगाढ़ करने में फ़िल्मों का महत्त्वपूर्ण योगदान होता है। समाज के सामने अच्छी फ़िल्में आएँ, यह निर्माताओं का दायित्व है।

116957.

ध्यान दीजिए संबोधन में बहुवचन ‘शब्द रूप’ पर अनुस्वार का प्रयोग नहीं होता; जैसे- भाइयो, बहिनो, देवियो, सः जनो आदि।

Answer»

छात्र इन उदाहरणों के माध्यम से समझें- भाइयो- सफ़ाई कर्मचारियों के नेता ने कहा, भाइयो! कहीं भी गंदगी न रहने पाए। बहिनो- समाज सेविका ने कहा, बहिनो! कल पोलियो ड्राप पिलवाने ज़रूर आना। देवियो- पुजारी ने कहा, देवियो! देवियो! कलश पूजन में जरूर शामिल होना। सज्जनो- सज्जनो! यहाँ सफ़ाई बनाए रखने की कृपा करें।

116958.

भाव स्पष्ट कीजिएछू न पाए सीता का दामन कोई राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो

Answer»

भाव-इन पंक्तियों का भाव यह है कि भारत की भूमि सीता माता की तरह पवित्र है। इसके दामन को छूने का दुस्साहस किसी को नहीं होना चाहिए। यह धरती राम और लक्ष्मण जैसे अलौकिक वीरों की धरती है जिनके रहते सीमा पर से कोई शत्रु रूपी रावण देश में प्रवेश कर देश की अस्मिता को लूट नहीं सकता। अतः हम सभी देशवासियों को मिलकर देश की गरिमा को बनाए रखना है अर्थात् देश के मान-सम्मान व उसकी पवित्रता की रक्षा करना है।

116959.

इस गीत में कुछ विशिष्ट प्रयोग हुए हैं। गीत के संदर्भ में उनका आशय स्पष्ट करते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए। कट गए सर, नब्ज़ जमती गई, जान देने की रुत, हाथ उठने लगे

Answer»

कट गए सर- बलिदान हो गए। 

घुसपैठियों द्वारा किए गए हमले में पठानकोट एअरबेस के कई सैनिकों के सर कट गए। 

नब्ज़ जमती गई- नसों में खून जमता गया। 

लेह की कड़ी सरदी में जवानों की नब्ज़ जमती जाती है फिर भी वे देश की रक्षा में सजग रहते हैं। 

जान देने की रुत- मातृभूमि के लिए कुरबान होने का अवसर। अपने देश के लिए जान देने की रुत आने पर भूल से भी नहीं चूकना चाहिए। 

हाथ उठने लगे- जब देश पर आक्रमणकारियों के हाथ उठने लगे तो उसे काट देना चाहिए।

116960.

कहानी की कौन सी बात आपको सबसे अच्छी लगी और क्यों?

Answer»

कहानी में सानातोम्बि का पेड़ खोंगनंग के लिए उदास होना और निंगथउ द्वारा उसकी इस तकलीफ को समझते हुए उसे अगली लेइमा घोषित करना मुझे सबसे अच्छी बात लगी। क्योंकि इससे यह स्पष्ट होता है कि निंगथउँ एक उदार और प्रजावत्सल शासक था और उसने राज्य को दोबारा अपने जैसी एक शासिका प्रदान की।

116961.

‘आज धरती बनी है दुलहन साथियो’ ऐसा सैनिकों को क्यों लग रहा है?

Answer»

दुलहन अर्थात् नववधू की सुंदरता अद्वितीय होती है। लाल रंग के परिधान उसकी सुंदरता को विगुणित कर देते हैं। हिमालय की घाटियों की जमीन सैनिकों के रक्त से लाल हो रही है। वहाँ युद्ध कर रहे सैनिकों को लगता है कि भारत भूमि ने लाल परिधान धारण कर लिया है। इस परिधान में वह लाल जोड़े में सजी दुलहन-सी नज़र आ रही है।

116962.

गीत में कवि ने मिलजुलकर रहने के लिए क्यों कहा होगा?

Answer»

महान भारत देश में सदा मानवता, समानता, प्रेम, स्नेह आदि भावनाएँ बनी रहती हैं। संसार में कहीं भी किसी देश में भी न दिखाई देनेवाली पवित्र भावना “विश्व मानव कल्याण भावना” तथा ”अनेकता में एकता” आदि दुनिया को दिखाने के लिए, भारत को दुनिया के सामने आदर्श देश बनाने के लिए गीत में कवि मिलजुलकर रहने को कहा होगा।

116963.

भाव से संबन्धित कविता की पंक्तियाँ लिरिवए ।1. विश्व के मानचित्र में भारत पूरब में है । इसलिए भारतीयों को पूरब वासी भी कहते हैं। हमारे यहाँ इंसानियत को अधिक महत्व दिया जाता है।2. विश्व के मानचित्र में भारत पूरब में है । इसलिए भारतीयों को पूरब वासी भी कहते हैं। हमारे यहाँ इंसानियत को अधिक महत्व दिया जाता है।

Answer»

1.

कुछ लोग जो ज़्यादा जानते हैं,
इंसान को कम पहचानते हैं।
ये पूरब है पूरब वाले।
हर जान की कीमत जानते हैं |

2.

जो जिससे मिला सीखा हमने,
गैरों को भी अपनाया हमने।
मतलब के लिए अंधे होकर,
रोटी को नहीं पूजा हमने ||

116964.

‘कर चले हम फ़िदा’ कविता युवाओं में राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की भावना प्रगाढ़ करती है। स्पष्ट कीजिए।

Answer»

‘कर चले हम फ़िदा’ कविता में भारतीय सैनिकों के साहस एवं वीरता की गाथा है। इन सैनिकों ने अत्यंत विपरीत परिस्थितियों में चीनी सैनिकों का मुंहतोड़ जवाब दिया और उन्हें रोकते हुए आगे ही आगे कदम बढ़ाते-बढ़ाते गए। देश की रक्षा करते हुए उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की और कुरबान हो गए। यह कविता पढ़कर युवामन जोश से भर उठता है तथा देश एवं मातृभूमि की शत्रुओं से रक्षा करने के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर होने के लिए प्रेरित होता है। उसकी देशभक्ति हिलोरे लेने लगती है। वह साहस एवं जोश से भर उठता है। इस प्रकार यह कविता राष्ट्रप्रेम और देशभक्ति की भावना प्रगाढ़ करती है।

116965.

पंक्तियाँ पढिए । भाव बताइए।अपना किसी से वैर न समझो,जग में किसी को गैर न समझो।आप पढ़ो, औरों को पढ़ाओ,घर-घर ज्ञान की जोत जलाऔ ।।

Answer»

हे भारत माँ के आँखों के तारों, नन्हें और मुन्ने लाडले पुत्रों, जिस प्रकार मैं ने तुम सबको सुसज्जित किया है। उसी प्रकार तुम सब देश को अलंकृत करें ।

आप किसी से वैर या शत्रु भावना न समझो | इस दुनिया के किसी को नये न समझो । आप पढ़कर औरों (दूसरों) को भी पढ़ाइए । घर-घर में ज्ञान ज्योति को जलाइए।

116966.

‘हर जान की क़ीमत जानते हैं ।’ इसका भाव अपने शब्दों में लिखिए|

Answer»

भारतवासी मानवता की प्रतिमूर्ति हैं। इनसानियत को अधिक महानता देनेवाले हैं । वास्तव में संसार के कुछ लोग हम से भी अधिक ज्ञान संबन्धी विषय जानते हैं । लेकिन वे मानवता का सच्चा मूल्य नहीं समझ सकते हैं। विश्व के मानचित्र में भारत पूरब में है । इसलिए भारतीयों को पूरबवासी भी कहते हैं । ये लोग हर प्राणी का महत्व जानते हैं। उनका आदर करते हैं।

116967.

भारत में बहनेवाली कुछ नदियों के बारे में बताइए।

Answer»

भारत में कई नदियाँ बहती हैं। जैसे गंगा, यमुना, सिधुं, ब्रह्मपुत्र, कावेरी, गोदावरी और कृष्णा आदि।

गंगा :
गंगा नदी भारत की बडी नदी एवं पवित्र तथा जीव नदी है। इसका उद्गम स्थान गंगोत्री है जो हिमालयों में हैं।

गोदावरी :
यह दक्षिण भारत की जीव नदी कहलाती है। यह दक्षिण गंगा भी कहलाती है। इसका उद्गम स्थान है नासिक, त्रियंबक ।

कृष्णा :
कृष्णा नदी भी दक्षिण भारत की नदी है। इसका उद्गम स्थान महाबलेश्वर है।

116968.

भारतीयों के बारे में कवि ने क्या कहा है?

Answer»

भारतीयों के बारे में कवि ने कहा है कि भारतीयों के होठों पर सदा सचाई रहती है, इनके दिलों में सफ़ाई
रहती है। ये मेहमानों को जान से भी अधिक प्यार करते हैं | इन्हें लालच नहीं होता है। थोडे में ही गुज़ारा करते हैं। ये इन्सान को पहचानते हैं। ये पूरबवाले हैं और जान की कीमत जाननेवाले हैं। मिलजुलकर प्यार
से रहते हैं। ये गैरों को भी अपनाते हैं। ये जिस देश में गंगा बहती है उस देश में रहनेवाले हैं।

116969.

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर नीचे दिये गये वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर दीजिए।प्रभु रामचंद्र जी सीताजी संग अयोध्या लौट आयेअयोध्यावासियों ने खुशी में घी के दीये जलायेदिवाली का पर्व चलो मिलकर सब मनायेंपटखों का धुंआ नहीं दीपमाला जलायें।1. प्रभु श्रीरामचंद्र किनके संग अयोध्या लौट आये?A) हनुमानB) सीताजीC) भरतD) शत्रुघ्न2. अयोध्यावासी दीप इससे जलाये थे –A) तेलB) पेट्रोलC) मिट्टी का तेलD) घी3. पटाखों को जलाने से यह निकलती है –A) धुंआB) कोयलाC) हवाD) पानी4. दीवाली के दिन इनसे घर को सजाते हैंA) पटाखों सेB) पत्तों सेC) कपडों सेD) दीपों से5. माला – शब्द का बहु वचन रूप पहचानिए।A) मालेB) मालाएँC) मालियाँD) मालिएँ

Answer»
  1. B) सीताजी
  2. D) घी
  3. A) धुंआ
  4. D) दीपों से
  5. B) मालाएँ
116970.

इस गीत में आपको कौनसी बातें बहुत अच्छी लगी ? क्यों ?

Answer»

यह गीत भारत की महानता बतानेवाला है । इसमें भारतवासियों के उत्तम गुणों पर प्रकाश डाला गया है। उनमें इनसानियत, मिलजुलकर रहना आदि मुझे बहुत अच्छे लगे हैं। क्योंकि विश्व में अनेक देश हैं। उन देशों में रहनेवाले अनेक गुणों के लोग हैं। लेकिन भारतवासी सबसे श्रेष्ठ हैं।

मानवता के पुजारी हैं भारतवासी। भारतवासी मुक्ति पर श्रद्धा रखनेवाले सच्चरित्र व्यक्ति हैं। वे जानते हैं कि विश्व के सब मानव बिना किसी भेदभाव के समान हैं । इसलिए सब पर मानवता दिखाना इनका उत्तम गुण है। इसी कारण सबको समानता और समता की दृष्टि से देखते हैं। मिलजुलकर रहना “भारतीयों का खास गुण है। “वसुधैक कुटुंबकम्” पर विश्वास रखनेवाले हैं। उनके काम भी उसी आशय के अनुरूप ही होते हैं।

116971.

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में लिखिए ।मेहमाँ जो हमारा होता है,वो जान से प्यारा होता है।ज्यादा का नहीं लालच हमको,थोडे में गुजारा होता है |बच्चों के लिए जो धरती माँ,सदियों से सभी कुछ सहती है।हम उस देश के वासी हैं,जिस देश में गंगा बहती है । 1. हमें जान से प्यारा कौन होता है?2. हमें किसका लालच नहीं है?3. धरती माँ किन के लिए सभी कुछ सह लेती है?4. किनको थोडे में गुजारा होता है?5. यह पद्यांश किस पाठ से दिया गया है?

Answer»
  1. मेहमान हमें जान से प्यारा होता है।
  2. हमें ज्यादा का लालच नहीं है।
  3. धरती माँ बच्चों के लिए सभी कुछ सह लेती है।
  4. हम भारतवासियों को थोडे में गुजारा होता है।
  5. यह पद्यांश जिस देश में गंगा बहती है।” पाठ से दिया गया है।
116972.

मुहावरों के भाव बताइए।i) जान से प्यारा होनाii) मतलब की रोटी पूजनाiii) मतलब के लिए अंधे होना

Answer»

i) अपने प्राणों से भी प्यार करना

ii) स्वार्थ से जीवन यापन करना

iii) स्वार्थ के लिए दूसरों को हानि पहुँचाना

116973.

देशभक्ति भावना पर चार पंक्तियों की कविता लिखिए|

Answer»

जिस देश में गाँधी का जन्म हुआ है,
शांति, सत्य, अहिंसा का पालन जहाँ है,
जिस देश में महान हिमालय खडा है,
वह प्यारा भारत देश हमारा है।

116974.

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर नीचे दिये गये वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर दीजिए। “फूलों से नित हँसना सीखो,भौरों से नित गाना।तरु की झुकी डालियों सेनित सीखो शीश झुकाना।सीखो हवा की झोकों सेकोमल भाव बहाना।”1. फूलों से क्या सीखना है? A) हँसनाB) नित हँसनाC) रोनाD) नित रोना2. नित गाना किन से सीखना है? A) भौरों सेB) फूलों सेC) डालियों सेD) हवा के झोंकों से3. हवा के झोंकों से क्या सीखना है? A) कोमल भाव बहानाB) नित हँसनाC) गानाD) शीश झुकाना4. तरु की झुकी डालियों से क्या सीखना है?A) हँसनाB) रोनाC) शीश झुकानाD) कोमल भाव बहाना5. “फूल” शब्द का बहुवचन शब्द पहचानिए।A) फूलB) फूलोंC) फूलेंD) फूला

Answer»
  1. A) हँसना
  2. A) भौरों से
  3. A) कोमल भाव बहाना
  4. C) शीश झुकाना
  5. A) फूल
116975.

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए। अब हम तो क्या सारी दुनिया,सारी दुनिया से कहती है।हम उस देश के वासी हैं,जिस देश में गंगा बहती है।।1. सारी दुनिया सारी दुनिया से क्या कहती है?2. गंगा किस देश में बहती हैं?3. इस पद्यांश में किस देशवासियों के गुणों के बारे में बताया गया है?4. उपर्युक्त पद्यांश किस पाठ से दिया गया है?5. उपर्युक्त पद्यांश के कवि कौन हैं?

Answer»
  1. सारी दुनिया सारी दुनिया से कहती है कि हम उस देश के वासी हैं जिस देश में गंगा बहती है।
  2. गंगा भारत देश में बहती है।
  3. इस पद्यांश में भारत देश के देशवासियों के गुणों के बारे में बताया गया है।
  4. उपर्युक्त पद्यांश ‘जिस देश में गंगा बहती है। नामक पद्यपाठ से दिया गया है।
  5. उपर्युक्त पद्यांश के कवि हैं “श्री शैलेंद्रकुमार” |
116976.

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर एक वाक्य में दीजिए। मिलजुल के रहो और प्यार करो,एक चीज़ यही तो रहती है।हम उस देश के वासी हैं,जिस देश में गंगा बहती है ॥जो जिससे मिला सीखा हमने,गैरों को भी अपनाया हमने।मतलब के लिए अंधे होकर,रोटी को नहीं पूजा हमने।1. “एक चीज़ यही तो रहती है” – वह क्या है?2. हम ने किसको अपनाया?3. मतलब के लिए अंधे होकर हमने क्या नहीं किया?4. जिस किसी से मिलने पर हमने क्या किया?5. उपर्युक्त पद्यांश के कवि कौन है?

Answer»
  1. एक चीज़ यही तो रहती वह है। “मिलजुल के रहना और प्यार करना”।
  2. हमने गैरों को भी अपनाया।
  3. मतलब के लिए अंधे होकर हमने रोटी को नहीं पूजा।
  4. जिस किसी से भी मिलने पर हमने उनसे कुछ सीखा।
  5. उपर्युक्त पद्यांश के कवि हैं “श्री शैलेंद्र कुमार”।

116977.

सतत और सर्वग्राही भाववृद्धि की स्थिति में मुद्रा का मूल्य ………………………(A) घटता है ।(B) बढ़ता है ।(C) स्थिर रहता है ।(D) बदलता नहीं है ।

Answer»

सही विकल्प है (A) घटता है ।

116978.

सरकार ने कानून द्वारा बढ़ते हुये भावों को रोका हो, वह भाववृद्धि किस प्रकार की मुद्रास्फीति है ?(A) दबी हुयी मुद्रास्फीति(B) खुली मुद्रास्फीति(C) दौड़ती मुद्रास्फीति(D) छिपी मुद्रास्फीति

Answer»

सही विकल्प है (A) दबी हुयी मुद्रास्फीति

116979.

चावल देकर कपड़ा प्राप्त करने की आर्थिक व्यवस्था किस नाम से जानी जाती है ?(A) मुद्रापद्धति(B) बैंकिंग व्यवस्था(C) वस्तु-विनिमय प्रथा(D) उधार पद्धति

Answer»

सही विकल्प है (C) वस्तु-विनिमय प्रथा

116980.

भारत में विशेष रूप से किस पशु को धन के रूप में देखा गया ?

Answer»

भारत में विशेष रूप से गाय को धन के रूप में देखा गया ।

116981.

निम्नलिखित पद्यांश पढ़कर दिये गये प्रश्नों के उत्तर विकल्पों में से चुनकर लिखिए।इधर गोकुल से जनता कढ़ी, उमगती अति आनन्द में पगी।उधर आ पहुँची बल – वीर की, विपुल धेनु – विमंडित – मंडल।।ककुभ शोभित गोरज बीच से, निकलते व्रज – वल्लभ यों लसे।कदन ज्यों करके दिशि – कालिमा, विलसित नभ में नलिनीश है ।।1. उधर क्या आ पहुँची ?A) विपुल धेनु – विमंडित – मंडलB) विपुल भैंस – विमंडित मंडलC) विपुल बैल – विमंडित मंडलD) ये सब2. इधर जनता कहाँ कढी ?A) मधुवनB) पाटलीपुत्रC) गोकुलD) प्रयाग3. विपुल धेनु – विमंडित – मंडल किसका है?A) कृष्ण काB) भीम काC) बलवीर काD) कंस का4. ककुभ शोभित गोरज बीच से कौन निकलने लगे ?A) बल – वीरB) व्रज – वल्लभC) धर्मराजD) अर्जुन5. नभ में कौन विलसित है?A) सूरजB) नलिनीशC) तारेD) बलवीर

Answer»
  1. A) विपुल धेनु – विमंडित – मंडल
  2. C) गोकुल
  3. C) बलवीर का
  4. B) व्रज – वल्लभ
  5. B) नलिनीश
116982.

लोग मुद्रा की बचत क्यों करते हैं ?

Answer»

लोग भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मुद्रा की बचत करते हैं ।

116983.

आर्थिक विकास में कौन-कौन सी बातें समाविष्ट हो जाती हैं ?

Answer»

आर्थिक विकास में आर्थिक वृद्धि, आर्थिक सुख-समृद्धि तथा आर्थिक प्रगति भी समाविष्ट हो जाती है ।

116984.

आर्थिक विकास किस प्रकार का परिवर्तन है ?

Answer»

आर्थिक विकास गणात्मक परिवर्तन है ।

116985.

मांगप्रेरित मुद्रास्फीति किसे कहते हैं ?

Answer»

अर्थतंत्र में मांग बढ़ने के कारण जो मुद्रास्फीति सर्जित हो तो उसे मांग प्रेरित मुद्रास्फीति कहते हैं ।

116986.

दबी हुयी मुद्रास्फीति किसे कहते हैं ?

Answer»

सरकार कानून और सबसिडी द्वारा भाव स्तर को दबा के रखती हो तो भाव न बढ़ने पर भी मुद्रास्फीति है, जिसे दबी हुयी मुद्रास्फीति कहते हैं ।

116987.

जी. एम. मेयर के अनुसार आर्थिक विकास किसे कहते हैं ?

Answer»

जी. एम. मेयर के अनुसार ‘आर्थिक विकास एक एसी प्रक्रिया है कि जिसके अन्तरगत गरीबी रेखा के नीचे जनसंख्या में वृद्धि न हो, आय का वितरण अधिक असमान न हो, इन शर्तों के अनुसार देश की प्रतिव्यक्ति वास्तविक आय में दीर्घकालीन समय तक वृद्धि होती है ।

116988.

भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मनुष्य मुद्रा का क्या करते है ?(A) विक्रय करते हैं ।(B) खर्च करते हैं ।(C) बचत करते हैं ।(D) कमाते है ।

Answer»

सही विकल्प है (C) बचत करते हैं ।

116989.

मुद्रास्फीति की सही स्थिति में अर्थतंत्र में साधनों के पूर्ण रोजगार के बाद भाव बढ़ते है, तब सर्जित होती है । यह किस अर्थशास्त्री का विचार है ?(A) मार्शल(B) क्राउथर(C) केईन्स(D) पिगु

Answer»

सही विकल्प है (C) केईन्स

116990.

आधुनिक आर्थिक संसार में आर्थिक प्रवृत्तियों के केन्द्र में कौन है ?(A) मुद्रा(B) ग्राहक(C) बाज़ार(D) सरकार

Answer»

सही विकल्प है (A) मुद्रा

116991.

वस्तु के मूल्य मापदण्ड की समस्या क्या है ?

Answer»

औद्योगिक आर्थिक जगत में वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य के मापदण्ड का प्रश्न कठिन बना है । गेंहू के बदले में चावल का विनिमय सरल था । गेंहू के सामने अनेक वस्तुएँ आ गई । जिनका विनिमय दर याद रखना, निश्चित करना कठिन था । एक मन गेंहू बराबर दो मन चावल, एक मन गेंहू बराबर दस मीटर कपड़ा या पाँच किलो घी । तो एक किलो घी बराबर कितना कपड़ा ? यह सब निश्चित करना और याद रखना कठिन था । यह सब बातें मूल्य मापदण्ड की समस्या सर्जित करती है ।

116992.

विनिमय के माध्यम के रूप में मुद्रा के कार्य की चर्चा कीजिए ।

Answer»

व्यक्ति मुद्रा खर्च करके वर्तमान की वस्तु और सेवाएँ प्राप्त करता है ।

  1. व्यक्ति मुद्रा की बचत करके भविष्य में वस्तु और सेवाएँ प्राप्त करता है ।
  2. संक्षिप्त में आवश्यकताओं को संतुष्ट करने के लिए उपयोगी वस्तु और सेवा खरीदने के लिए मुद्रा का विनिमय के माध्यम के रूप में उपयोग होता है ।
116993.

वस्तु विनिमय में परस्पर सामंजस्य की क्या समस्या है ?

Answer»

वस्तु विनिमय में परस्पर सामंजस्य की समस्या होती है, क्योंकि वस्तुविनिमय में गेहूँ के बदले गाय, शिक्षा के बदले अनाज, अनाज के बदले कपड़ा आदि का विनिमय होता है । परंतु अनाज की आवश्यकता न हो या कपड़े की आवश्यकता न हो तब दोनों के सामंजस्य की समस्या सर्जित होती है ।

116994.

मुद्रा के कार्य की चर्चा मूल्य के संग्राहक के रूप में चर्चा कीजिए ।

Answer»

वस्तु या सेवा में मूल्य संग्रह एक समस्या थी, पशु या अनाज के स्वरूप में मूल्य का संग्रह लंबे समय तक संभव नहीं था । इस कार्य को मुद्रा ने सरल बना दिया । वस्तु या सेवा विक्रय करके मुद्रा प्राप्त कर सकते हैं । जिससे मूल्य संग्रह का कार्य सरल बना तथा भविष्य में भी वस्तु और सेवा प्राप्त कर सकते हैं ।

116995.

मुद्रास्फीति कब सर्जित होती है ?

Answer»

बहुत सारी मुद्रा कम वस्तुओं को पकड़ने के लिए दौड़े तब मुद्रास्फीति सर्जित होती है ।

116996.

मुद्रास्फीति के लक्षण बताइए ।

Answer»

मुद्रास्फीति के लक्षण निम्नानुसार है :

  1. भावस्तर में सतत वृद्धि हो रही है ।
  2. अर्थतंत्र के सभी क्षेत्रों में भाव (कीमत) बढ़ते हैं ।
  3. मुद्रा की कीमत (क्रयशक्ति) कम होती है ।
  4. पूर्ण रोजगारी की स्थिति के बाद बढ़ता हुआ भावस्तर मुद्रास्फीति है ।
116997.

निम्न में से मुद्रा के किस विकल्प में विनिमय मूल्य सबसे सुरक्षित रूप में संग्रह हो सकता है ?(A) अनाज(B) पशु(C) पत्थर(D) सिक्का

Answer»

सही विकल्प है (D) सिक्का

116998.

मुद्रा का कार्य देकर उसके कार्यों को संक्षिप्त में वर्णन कीजिए ।

Answer»

मार्शल के अनुसार : “किसी भी समय और किसी भी स्थान पर बिना किसी संदेह एवं जाँच पड़ताल के वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय हो सकता हो तो उसे मुद्रा कहते हैं ।
रोबर्टस के मतानुसार : ‘वस्तुओं और सेवाओं के बदले में जो सर्वस्वीकृत हो वह मद्रा है ।’
मुद्रा की एक उपयुक्त एवं पूर्ण परिभाषा : ‘मुद्रा वह वस्तु है जिसे एक व्यापक क्षेत्र में विनिमय के माध्यम, मूल्यमापक ऋण भुगतान और मूल्य संचय के रूप में स्वतंत्र एवं सामान्य स्वीकृति प्राप्त हो ।’

सामान्य अर्थ में ‘मुद्रा वह है जो मुद्रा का कार्य करें ।’ मुद्रा को समझने के लिए उसके कार्यों को समझेंगे :

मुद्रा के प्रमुख कार्य हैं :
(1) विनिमय का माध्यम
(2) मूल्य का मापदण्ड
(3) मूल्य के संग्रह के रूप में
(4) दीर्घकालीन भुगतान के साधन के रूप में ।

अब इन मुद्रा के कार्यों की चर्चा करेंगे :

(1) विनिमय का माध्यम : मुद्रा का सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य विनिमय का माध्यम के रूप में होता है । मुद्रा अपने आर्थिक व्यवहारों को सरल बनता है और वस्तु विनिमय पद्धति में आवश्यकताओं के परस्पर समन्वय में जो परेशानी पड़ती थी उसे मुद्रा ने दूर कर दिया । किसान गेंहू को बेचकर मुद्रा प्राप्त करता है । और फिर मुद्रा देकर चावल, कपड़े, घी आदि खरीद सकता है । व्यक्ति मुद्रा खर्च करके वर्तमान में वस्तु और सेवाएँ प्राप्त करते हैं । बचत करके भविष्य में वस्तु और सेवाएँ खरीद सकते हैं । मूलभूत भय से आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोगी वस्तुएँ और सेवाएँ खरीदने के लिए मुद्रा का माध्यम के रूप में उपयोग होता है ।

इस प्रकार सर्वस्वीकृत माध्यम के रूप में मुद्रा अर्थतंत्र में अति महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।।

(2) मूल्य के मापदण्ड के रूप में कार्य : मुद्रा मूल्य के मापदण्ड के रूप में महत्त्वपूर्ण कार्य करता है । वस्तु विनिमय प्रथा में प्रत्येक वस्तु के विनिमय मूल्य को याद रखना पड़ता था । एक मन गैंहू बराबर कितने मन चाबल ? कितने मीटर कपड़े ? कितने किलो घी, कितनी जोड़ी चप्पल ? आदि । मुद्रा इस बात को सरल बनाता है । जब से मुद्रा विनिमय का सर्वस्वीकृत माध्यम बना है । मुद्रा के कारण कीमतों का तंत्र काम करता है और प्रत्येक वस्तु और सेवा की कीमत निश्चित होती है परिणाम स्वरूप मूल्य की गणना सरल बनती है । मुद्रा के मूल्य से तुलनात्मक अध्ययन सरल बनता है । शीघ्रता से निर्णय ले सकते हैं ।

(3) मूल्य के संग्रह के रूप में कार्य : वस्तु विनिमय प्रथा में वस्तु का संग्रह करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था । आकस्मिक समय में द्रव्य की अनुपस्थिति में कई समस्याएँ सामने आती रही । नाशवान वस्तुओं का लंबे समय तक संग्रह कर पाना मुश्किल था । लंबे समय तक नाशवान वस्तुओं का संग्रह करने से मूल्य का नाश होता है । वस्तुओं के रूप में (मुद्रा का) संग्रह करने पर, वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने की समस्या भी सामने आयी । मुद्रा की खोज़ से उपरोक्त परेशानियाँ समाप्त हो गयी । मुद्रा को लंबे समय तक संग्रह किया जा सकता है । मुद्रा के सड़ने या बिगड़ जाने की संभावना नहीं होती । द्रव्य को एक स्थान से दूसरे स्थान पर आसानी से ले जाया जा सकता है ।

आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए लोग द्रव्य की बचत भी करते हैं । विकट परिस्थिति में द्रव्य लोगों के काम आने के कारण मूल्य के संग्राहक के रूप में लोग द्रव्य की बचत करते हैं । बचत का अर्थतंत्र में पूंजीनिवेश होता है । पूँजीनिवेश से अर्थतंत्र का विकास होता है । अतः द्रव्य मूल्य के संग्राहक के रूप में द्रव्य अर्थतंत्र में अतिमहत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।

(4) द्रव्य दीर्घकालीन भुगतान के रूप में : द्रव्य दीर्घकालीन लेन-देन में बहुत ही उपयोगी है । वस्तुविनिमय प्रथा में वस्तु के रूप में लेन-देन में कई समस्याएँ आती थी । मानलीजिए कोई किसान अन्य किसान के पास से 50 किग्रा बाज़री ले आता है और एक साल पश्चात् उसे लौटाता है । यह संभव है कि एक साल बाद जब किसान बाज़री लौटाता है तब बाज़री की कीमत कम हो और उसकी किस्म भी खराब हो । इस प्रकार वस्तुविनिमय प्रथा में दीर्घकालीन भुगतान में कई समस्याएँ सामने आती, द्रव्य का आसानी से संग्रह किया जा सकता है । द्रव्य की कीमत लगभग स्थिर रहने से द्रव्य के रूप में किया गया भुगतान लोगों को स्वीकार्य होता है ।

द्रव्य के उपरोक्त कार्यों के कारण आधुनिक अर्थव्यवस्था में द्रव्य की बचत द्वारा पूंजीनिवेश होता है । पूँजीनिवेश से अर्थतंत्र का विकास होता है । “मुद्रा के हैं चार कार्य : माध्यम, माप, मान और भण्डार । यदि इससे काम न सरे तो हस्तान्तरण को आगे करें ।”

116999.

भारत में विशेष रूप से किसे धन के स्वरूप में देखना शुरू किया (A) भैंस(B) बैल(C) गाय(D) घोड़ा

Answer»

सही विकल्प है (C) गाय

117000.

मुद्रास्फीति किस प्रकार से आर्थिक विकास को अवरोधित करती है ?

Answer»

पूर्ण रोजगार की स्थिति के बाद अर्थतंत्र के सभी क्षेत्रों में भावस्तर निरंतर बढ़ता रहे तो वह मुद्रास्फीति है । और ऐसी मुद्रास्फीति आर्थिक विकास का अवरोधित करती है ।