This section includes 7 InterviewSolutions, each offering curated multiple-choice questions to sharpen your Current Affairs knowledge and support exam preparation. Choose a topic below to get started.
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फ़ादर बुल्के ने भारत में बसने के लिए क्या आवश्यक समझा? उन्हें किस तरह हासिल किया? |
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Answer» भारत आने पर फ़ादर ने सबसे पहले यहाँ शिक्षा-दीक्षा लेना आवश्यक समझा। इसके लिए उन्होंने ‘जिसेट संघ’ में पहले दो साल पादरियों के बीच धर्माचार की पढ़ाई की, फिर नौ-दस वर्ष दार्जिलिंग में पढ़ते रहे। इसके बाद उन्होंने कलकत्ता से बी०ए० किया और फिर इलाहाबाद से एम०ए० करने के उपरांत अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। |
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फ़ादर की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उनका स्वभाव भी किसी सीमा तक उन्हें संन्यासी बनाने में सहायक सिद्ध हुई’–स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» फ़ादर के परिवार में उनके माता-पिता, दो भाई और एक बहन थे। उनके पिता व्यवसायी थे। एक भाई बेल्जियम में ही पादरी हो गया था। दूसरा भाई काम करता था, उसका भरा-पूरा परिवार था। उनकी बहन जिद्दी और सख्त थी। उसने । बहुत देर से शादी की। पिता और भाइयों के प्रति फ़ादर के मन में शुरू से ही लगाव न था, पर वे अपनी माँ को बराबर याद किया करते थे। इस तरह उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि और स्वभाव उन्हें संन्यासी बनाने में सहायक सिद्ध हुआ। |
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लेखक ने फ़ादर बुल्के को ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ क्यों कहा है? |
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Answer» लेखक ने फ़ादर कामिल बुल्के को मानवीय करुणा की दिव्य चमक इसलिए कहा है क्योंकि फ़ादर नेक दिल वाले वह व्यक्ति थे जिनकी रगों में दूसरों के लिए प्यार, अपनत्व और ममता भरी थी। वह लोभ, क्रोध कटुभाषिता से कोसों दूर थे। वे अपने परिचितों के लिए स्नेह और ममता रखते थे। वे दूसरों के दुख में सदैव शामिल होते थे और अपने सांत्वना भरे शब्दों से उसका दुख हर लेते थे। लेखक को अपनी पत्नी और बच्चे की मृत्यु पर फ़ादर के सांत्वना भरे शब्दों से शांति मिली थी। वे अपने प्रेम और वत्सलता के लिए जाने जाते थे। |
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‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ के आधार पर फ़ादर की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» ‘मानवीय करुणा की दिव्य चमक’ पाठ से फ़ादर बुल्के की निम्नलिखित विशेषताओं का ज्ञान होता है • फ़ादर संकल्प के संन्यासी थे, मन के नहीं। • फ़ादर संबंध बनाकर उसे निभाना जानते थे। • फ़ादर अपने परिचितों एवं परिवार वालों के साथ स्नेहमय संबंध रखते थे। • वे सुख-दुख में परिवार के सदस्यों की भाँति खड़े नजर आते थे। • वे भारत और हिंदी से असीम लगाव रखते थे। |
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फ़ादर बुल्के ने हिंदी के उत्थान के लिए क्या-क्या प्रयास किए? |
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Answer» भारत में रहते हुए फ़ादर ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से हिंदी में एम०ए० किया। इससे ज्ञात होता है कि हिंदी से उन्हें विशेष लगाव था। उन्होंने हिंदी के उत्थान के लिए • हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए अकाट्य तर्क प्रस्तुत करते। • हर मंच से हिंदी की दुर्दशा पर दुख प्रकट करते। • हिंदी वालों द्वारा हिंदी की उपेक्षा पर दुख प्रकट करते। • वे हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में देखने के लिए चिंतित रहते। |
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पाठ में आए उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जिनसे फ़ादर बुल्के का हिंदी प्रेम प्रकट होता है? |
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Answer» फ़ादर बुल्के का हिंदी प्रेम प्रकट करने वाले प्रसंग निम्नलिखित हैं • फ़ादर बुल्के ने कोलकाता से बी०ए० करने के बाद हिंदी में एम०ए० इलाहाबाद से किया। • उन्होंने प्रामाणिक अंग्रेज़ी हिंदी शब्दकोश तैयार किया। • मातरलिंक के प्रसिद्ध नाटक ‘ब्लू बर्ड’ का हिंदी में ‘नील पंछी’ नाम से रूपांतरण किया। • इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ‘रामकथा-उत्पत्ति एवं विकास’ पर शोध प्रबंध लिखा। • परिमल नामक हिंदी साहित्यिक संस्था के सदस्य बने। • वे हिंदी को राष्ट्रभाषा का गौरव दिलवाने के लिए सतत प्रयत्नशील रहे। |
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गृह विज्ञान के अन्तर्गत अध्ययन किया जाता है(क) आहार एवं पोषण विज्ञान का(ख) आय एवं व्यय के नियोजन का(ग) वस्त्र एवं परिधान शास्त्र का(घ) सम्पूर्ण गृह-व्यवस्था का |
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Answer» सही विकल्प है (घ) सम्पूर्ण गृह-व्यवस्था का |
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गृह विज्ञान के अन्तर्गत अध्ययन किया जाता है(क) गृह-प्रबन्ध का(ख) गृह अर्थव्यवस्था का(ग) आहार एवं पोषण का(घ) इन सभी का। |
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Answer» सही विकल्प है (घ) इन सभी का |
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क्या गृह विज्ञान का अध्ययन गृहिणी के अतिरिक्त परिवार के अन्य सदस्यों के लिए भी महत्त्वपूर्ण है? |
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Answer» गृह विज्ञान का अध्ययन एवं सम्बन्धित जानकारी परिवार के सभी सदस्यों के लिए समान रूप से महत्त्वपूर्ण है। |
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फादर की उपस्थिति देवदार की छाया जैसी क्यों लगती थी? |
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Answer» पर्वतीय प्रदेशों में देवदारु के वृक्ष होते हैं, जिसकी छाया शीतल और मन को शांत करनेवाली होती है। लेखक और उनके साथियों के साथ फादर बुल्के निलिप्त रूप से हंसी मजाक करते थे। साथ-साथ गोष्ठियों में तर्कपूर्ण एवं गंभीर बहस करते थे। अपने समकालीन रचनाओं पर बेबाक राय देते थे। घरेलू संस्कारों एवं उत्सवों में पुरोहित एवं अग्रज की तरह आशीर्वाद देते थे। इसलिए लेखक को फादर की उपस्थिति देवदार की छाया के समान लगती है। |
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गृह विज्ञान के मुख्य तत्त्वों का उल्लेख कीजिए। |
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Answer» गृह विज्ञान के मुख्य तत्त्वे चार हैं अर्थात् ‘परिवार के सदस्यों का बहुमुखी विकास, नियोजन, नियन्त्रण तथा मूल्यांकन’। |
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फादर बुल्के भारतीय संस्कृति के एक अभिन्न अंग हैं, किस आधार पर ऐसा कहा गया है? |
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Answer» फादर बुल्के भारतीय संस्कृति के एक अभिन्न अंग हैं। वे भारतीय संस्कृति के रंग में पूरी तरह से रंग गए थे। उनसे अपने देश का नाम पूछने पर वे भारत को ही अपना देश बताते थे। उन्होंने भारतीय संस्कृति के महानायक राम और राम-कथा को अपने शोधप्रबंध का विषय चुना। उन्होंने हिन्दी और संस्कृत दोनों भाषाओं का ज्ञान अजित किया और वे दोनों भाषाओं के विभागाध्यक्ष बने । उन्होंने प्रसिद्ध अंग्रेजी-हिन्दी शब्द कोश लिखा । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के विषय में प्रयत्नशील रहते थे। इसके लिए वे अकाट्य तर्क देते थे। जो हिन्दी भाषी होकर भी हिन्दी भाषा की उपेक्षा करता तो वे बड़े दुःखी होते थे। ‘परिमल’ के सदस्यों के घर भारतीय उत्सवों और संस्कारों में भाग लेते थे। लेखक के पुत्र का अन्नप्रासन संस्कार उन्हीं के हाथों सम्पन्न हुआ। उपरोक्त बातों को देखते हुए कहा जा सकता है कि फादर बुल्के भारतीय संस्कृति के एक अभिन्न अंग हैं। |
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फादर बुल्के ने संन्यासी की परंपरागत छवि से अलग एक नई छवि प्रस्तुत की है, कैसे? |
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Answer» फादर बुल्के भारतीय संन्यासी प्रवृत्ति के आधार पर खरे संन्यासी नहीं थे। लेखक के अनुसार वे केवल संकल्प के संन्यासी थे, मन से नहीं। सामान्यतः संन्यासी समाज से कटकर अकेले ही अपने संसार को रचते है, उनमें समाज के प्रति आत्मीयता या लगाव नहीं होता। वे कर्म नहीं करते अपितु भिक्षा मांगकर जीवन-यापन करते हैं। फादर बुल्के कर्मनिष्ठ संन्यासी थे। समाज के प्रति उनके मन में करुणा, वात्सल्य प्रेम की भावना थी। वे समाज में रहकर लोगों के पारिवारिक उत्सवों में शामिल होते, उन्हें आशीर्वाद देते । संकट के समय में उन्हें ढाढस देते । इस तरह से फादर बुल्के की छवि परम्परागत संन्यासी से अलग हटकर थी। |
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लेखक ने फादर बुल्के को मानवीय करुणा’ की दिव्य चमक क्यों कहा है? |
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Answer» फादर बुल्के के हृदय में हर किसी के लिए करुणा का सागर भरा हुआ था। उनके मुख पर एक दिव्य चमक रहती थी। वे सबको बाहें खोल गले लगाने को उत्सुक रहते थे। उनमें अपनत्व, ममत्व, करुणा, प्रेम, वात्सल्य तथा सहृदयता की भावना कूट-कूट कर भरी थी। वे किसी से रिश्ता बनाते तो कभी तोड़ते नहीं थे। दसों साल बाद भी मिलने पर उसी आत्मीयता से मिलते थे। अपने प्रियजनों से मिलने के लिए गर्मी, सर्दी, बरसात झेलकर भी मिलने चले आते थे। लोगों के दुःख में शरीक होकर सांत्वना देते । उनके सांत्वना के जादू भरे दो शब्द जीवन में एक नई रोशनी भर देती थी। लेखक की पत्नी और पुत्र की मृत्यु पर फादर द्वारा कहे गए शब्दों में असीम शांति भरी थी। इन सभी कारणों से लेखक ने फादर बुल्के को मानवीय करुणा की दिव्य चमक कहा है। |
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इस पाठ के आधार पर फ़ादर कामिल बुल्के की जो छवि उभरती है उसे अपने शब्दों में लिखिए। |
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Answer» फ़ादर कामिल बुल्के की छवि संकल्प से संन्यासी जैसे व्यक्ति की उभरती है। उनका लंबा शरीर ईसाइयों के सफ़ेद चोंगे में। हुँका रहता था। उनका रंग गोरा था तथा चेहरे पर सफ़ेद भूरी दाढ़ी थी। उनकी आँखें नीली थीं। वे इतने मिलनसार थे कि एक बार संबंध बन जाने पर सालों-साल निभाया करते थे। वे पारिवारिक जलसों में पुरोहित या बड़े भाई की तरह उपस्थित होकर आशीर्वादों से भर देते थे, जिससे मन को अद्भुत शांति मिलती थी। उस समय उनकी छवि देवदार के विशाल वृक्ष जैसी होती थी। |
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भारतीय कृषि वर्तमान समय में तीन प्रमुख समस्याएं कौन-सी हैं? |
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Answer» भारतीय कृषि की तीन मुख्य समस्याएं हैं- (i) भूमि पर जनसंख्या का भारी दबाव |
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पाठ में आए उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए, जिनसे फादर बुल्के का हिन्दी प्रेम प्रकट होता है ? |
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Answer» पाठ में ऐसे बहुत से प्रसंगों का उल्लेख हैं, जिनसे फादर बुल्के का हिन्दी प्रेम प्रकट होता है – जैसे –
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वैज्ञानिक आदर्श की दृष्टि से देश के कितने प्रतिशत भाग पर वन होना जरूरी है? |
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Answer» वैज्ञानिक आदर्श की दृष्टि से देश के 33 प्रतिशत भाग पर वन होना ज़रूरी है। |
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देश में ‘हरित क्रान्ति’ पर विस्तार से चर्चा कीजिए। |
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Answer» हरित क्रान्ति से अभिप्राय उस कृषि क्रांति से है जिसका आरम्भ कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए किया गया। हरित क्रान्ति की मुख्य विशेषता यह है कि इससे कृषि का मशीनीकरण हो जाता है और उत्पादन में बहुत वृद्धि होती है। जुताई, बुवाई तथा गहाई के लिए मशीनों का प्रयोग होता है। उर्वरकों तथा अच्छी नस्ल के बीजों का प्रयोग भी होता है जिससे उत्पादन में वृद्धि होती है। भारतीय कृषि के विकास के लिए जहां अन्य विधियां अपनायी गयीं वहां अच्छे बीजों और यन्त्रों का भी प्रयोग किया गया। 1961 में इस काम के लिए देश के सात जिलों को चुना गया। पंजाब का लुधियाना ज़िला इन सात जिलों में से एक था। लुधियाना के साथ-साथ सारे पंजाब पर हरित क्रान्ति का प्रभाव पड़ा और पंजाब एक बार फिर भारत की ‘अनाज की टोकरी’ बन गया। प्रभाव-भारतीय समाज पर हरित क्रान्ति के सामाजिक और आर्थिक प्रभाव निम्नलिखित हैं —
2. सामाजिक प्रभाव—
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गेहूं की कृषि का विस्तार से वर्णन कीजिए। |
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Answer» गेहूं एक महत्त्वपूर्ण खाद्यान्न फसल है। भौगोलिक परिस्थितियां-गेहूं की कृषि के लिए निम्नलिखित भौगोलिक परिस्थितियां अनुकूल रहती हैं —
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वर्तमान समय में गृह विज्ञान को अन्य किन-किन नामों से भी जाना जाता है? |
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Answer» वर्तमान समय में गृह विज्ञान को |
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फादर बुल्के की जन्मभूमि कहाँ थी? अपनी जन्मभूमि के प्रति उनके क्या भाव थे ? |
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Answer» फादर बुल्के की जन्मभूमि बेल्जियम के रेम्सचैपल में थी। अपनी जन्मभूमि के प्रति उनके मन में बहुत आदर और सम्मान था। वे अक्सर अपनी जन्मभूमि को याद किया करते थे। जब उनसे उनकी जन्मभूमि के विषय में पूछा जाता तो वे कहते थे – ‘बहुत सुन्दर है मेरी जन्मभूमि रेम्सचैपल ।’ व्यक्ति संसार में कहीं चला जाय, अपनी जन्मभूमि को नहीं भूल सकता। |
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फादर बुल्के ने संन्यास लेते समय क्या शर्त रखी और क्यों ? |
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Answer» फादर बुल्के ने संन्यास लेते समय भारत जाने की शर्त रखीं। क्योंकि उनका मन भारत में आने को करता था। |
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वात्सल्यमय फादर को देखकर लेखक क्या सोचते थे ? |
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Answer» वात्सल्यमय फादर को देखकर लेखक सोचने लगते थे कि बेल्जियम में इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में पहुंचकर उनके मन में संन्यासी बनने की इच्छा कैसे जाग गई जबकि घर भरा-पूरा था – दो भाई, एक बहिन, माँ, पिता सभी थे। |
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लेखक ने फादर बुल्के को बड़ा भाई’ और ‘पुरोहित’ क्यों कहा हैं? |
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Answer» लेखक और फादर बुल्के के बीच आत्मीय संबंध था। लेखक के घर कोई भी उत्सव या संस्कार हो तो वे अवश्य उपस्थित होते थे और एक बड़े भाई या पुरोहित की तरह अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करते व अपने आशीर्वाद देते थे। इसलिए लेखक ने उन्होंने बड़ा भाई और पुरोहित कहा |
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इस पाठ के आधार पर फादर कामिल बुल्के की जो छवि उभरती है उसे अपने शब्दों में लिखिए। |
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Answer» फादर बुल्के का व्यक्तित्वं एकदम प्रभावशाली था । गोरा रंग, नीली आंखें, सफेद झाई मारती हुई भूरी दाढ़ी, लंबा कद, सफेद चोगे में सज्ज देवदारू के समान प्रतीत होते थे। वे निष्काम कर्मयोगी थे। वे विदेशी होते हुए भी भारतीय संन्यासी थे। मानवीय करुणा के अवतार थे। उनमें वात्सल्य और ममता की भावनाएं कूट-कूट कर भरी थी। अपने प्रियजनों के प्रति आत्मीयता का भाव रखते थे। वे समाज में रहकर लोगों के पारिवारिक उत्सवों में शामिल होते, उन्हें आशीर्वाद देते । वे किसी को दुःखी नहीं देख सकते थे, कभी किसी पर क्रोध नहीं करते थे। सदा दूसरों के लिए करुणा और दया का भाव रहता। इस तरह से फादर बुल्के सच में मानवीय करुणा के अवतार थे। |
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फादर बुल्के के व्यक्तित्व का वर्णन कीजिए। |
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Answer» फादर बुल्के सफेद चोगा पहनते थे, उनका रंग गोरा था, सफेद झाई मारती भूरी दाढ़ी थी, उनकी आँखें नीली थी। अपनी बाँहों को खोले वे सदैव सबको गले से लगाने को आतुर रहते थे। उनके व्यक्तित्व में ममता और अपनत्व भरा हुआ था। |
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भारतीय कृषि की प्रमुख समस्याओं का विस्तार से वर्णन कीजिए। |
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Answer» भारतीय कृषि की अनेक समस्याएं हैं जिनका वर्णन इस प्रकार है —
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कपास उत्पादन का विस्तार से वर्णन कीजिए। |
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Answer» भारत कपास के पौधे का मूल स्थान है। सिन्धु घाटी की सभ्यता के अध्ययन से इस बात के प्रमाण मिले हैं कि उस समय भी कपास की पैदावार होती थी। उस काल में यहां की कपास को बेबीलोन के लोग ‘सिन्धु’ तथा यूनानी इसे ‘सिन्दों’ के नाम से पुकारते थे। कपास लंबे, मध्यम तथा छोटे रेशे वाली होती है। भारत में मुख्यतः मध्यम तथा छोटे रेशे वाली कपास उगाई जाती है। लंबे रेशे वाली कपास केवल पंजाब तथा हरियाणा में ही पैदा होती है। देश में कपास उत्पादन का वर्णन इस प्रकार है —
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भारत में बागवानी खेती की प्रमुख विशेषताओं पर विस्तार से प्रकाश डालिए। |
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Answer» बागवानी खेती से अभिप्राय सब्जियों, फूलों तथा फलों की गहन खेती से है। भारत का फल तथा सब्जियों के उत्पादन में विश्व में दूसरा स्थान है। हमारे देश में फलों का उत्पादन 3.9 करोड़ टन तथा सब्जियों का उत्पादन 6.5 करोड़ टन तक पहुंच चुका है। भारत में बागवानी खेती की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन इस प्रकार है —
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क्या तालाब का जल पीने के लिए योग्य है? यदि नहीं, तो क्यों? |
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Answer» तालाब का जल पीने के लिए योग्य नहीं होता।। तालाब चारों ओर से बंद होता है। उसमें चारों ओर से बाहर की धूल-मिट्टी गिरती है। पेड़ों के पत्ते गिरकर सड़ते रहते हैं। लोग तालाब के किनारे कपड़े धोते हैं और जानवरों को नहलाते हैं। यह सारी गंदगी तालाब के जल को दूषित कर देती है। यह दूषित जल पीने से हैजा, पेचिश आदि तरह-तरह की जानलेवा बीमारियाँ होने की पूरी संभावना रहती है। इसलिए तालाब का जल पीने के योग्य नहीं होता। |
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| 32. |
गाँव तथा नगर के जीवन में क्या अंतर है और तुम्हें कौन-सा जीवन रुचिकर लगता है? क्यों? |
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Answer» गाँव के जीवन में सादगी सरलता है। किसी तरह की बनावट और तड़क-भड़क नहीं है। लोग शांति से अपने-अपने काम करते हैं। नदी-कुएँ का पानी पीते हैं। वे अपने खेतों में उगाया अनाज तथा ताजी सब्जियाँ खाते हैं। लोग कच्चे घरों में रहते हैं, पर उनका जीवन प्रकृति के बहुत नजदीक होता है। नगर के जीवन में तड़क-भड़क और बनावट अधिक होती है। लोग आधुनिक और फैशनेबल कपड़े पहनते हैं। वे पक्के मकानों में रहते हैं। वे नल का पानी पीते हैं और बाजार से अनाज तथा फल-सब्जी खरीदकर खाते हैं। नगर की सड़कों पर वाहनों का हमेशा शोर होता है। लोग दूकानों, बैंकों और दफ्तरों में काम करते हैं। नगर के जीवन में शांति नहीं होती। लोगों का जीवन प्रकृति से बहुत दूर होता है। नगर के जीवन में अनेक दोष हैं, फिर भी मुझे यहाँ का जीवन ही पसंद है। यहाँ के लोग शिक्षित और प्रगतिशील होते हैं। नगर में अच्छे स्कूल और कॉलेज होते हैं। इनके कारण मनपसंद शैक्षणिक योग्यता प्राप्त की जा सकती हैं। अनेक संस्थाएँ, पुस्तकालय आदि व्यक्ति की योग्यता बढ़ाने में सहायक होते हैं। उन्नति के जितने अवसर नगर में हैं, उतने गाँव में नहीं, इसलिए मुझे नगरीय जीवन ही रुचिकर लगता है। |
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शकुंतला किसकी पुत्री थी? |
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Answer» शकुंतला मेनका नामकी अप्सरा की पुत्री थी। |
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दुष्यंत अपनी तुलना प्यासे हिरन से क्यों करते हैं? |
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Answer» दुष्यंत अपनी तुलना प्यासे हिरन से करते हैं, क्योंकि जैसे मृगतृष्णा प्यासे हिरन को व्याकुल करती है, वैसे ही शकुंतला उसकी पत्नी ही है या अन्य स्त्री यह बात दुष्यंत को व्याकुल कर रही है। |
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What is excretion? Explain the process of excretion in humans |
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Answer» We remove undigested food from the body as stool and toxic products as urea and uric acid by urine time to time. Carbon dioxide, sweat, stool and urine are main excretory products of our body. When our body cells perform various types of bio chemical processes, certain waste products are released. These waste products are toxic and hence need to be removed from the body. The process of removal of waste produce in the cells of living organism is called excretion. The organs involved in excretion forms the excretory system. In humans, two kidneys, ureters, bladder and urethra forms the excretory system. The removal of wastes substances present in the blood takes place in two kidneys. The waste dissolved in blood are removed as urine goes into the urinary bladder through tube like ureters. A muscular tube is attached with ureters. It is called urethra. Urethra opens outside the body through a pore which is called urinary opening. From the urinary bladder urine is passed through urethra and removed out by urinary opening. |
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भारत के प्रथम अन्तरिक्ष यात्री कौन थे? |
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Answer» भारतीय वायुसेना के पूर्व पायलट राकेश शर्मा अन्तरिक्ष में यात्रा करने वाले प्रथम भारतीय थे। |
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चाँदनी किसे कहते है? |
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Answer» रात के आकाश में सबसे तेज चमकने वाले चन्द्रमा का अपना कोई प्रकाश नहीं होता है। यह सूर्य के प्रकाश से प्रकाशित होता है। यह सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करता है, जो हमारी पृथ्वी पर लगभग 1.25 सेकेण्ड में पहुँचता है। इस प्रकाश को चाँदनी (Moon Light) कहते हैं। |
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हमें चन्द्रमा का एक ही भाग क्यों देख पाते हैं? |
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Answer» चन्द्रमा पृथ्वी का उपग्रह है और इसके चारों ओर चक्कर लगाता है। चन्द्रमा एक परिक्रमण 27 दिन और 8 घंटे में पूरा करता है। अपने अक्ष पर एक घूर्णन करने में भी चन्द्रमा को इतना ही समय लगता है। यही कारण है कि हम चन्द्रमा को एक ही भाग देखते हैं जबकि दूसरा भाग हर समय हमसे छिपा रहता है। |
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चन्द्रमा हमें तारों से बड़ा क्यों दिखाई देता है? |
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Answer» सभी ग्रहों एवं उपग्रह में चन्द्रमा हमारे सबसे नजदीक है। इस कारण चन्द्रमा तारों से बड़ा दिखाई देता है। |
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अस्पृश्यता की भावना दूर करने में जिन लोगों ने अपना योगदान दिया है उनमें से किन्हीं दो के बारे में लिखिए। |
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Answer» अस्पृश्यता की भावना को दूर करने में महात्मा गांधी, ज्योतिबा फुले एवं डॉ० भीम राव अम्बेडकर जैसी महान विभूतियों ने अपना महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। ज्योतिबा फुले – महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म पूना के निकट एक गाँव में हुआ था। महात्मा ज्योतिबा के समय समाज में धार्मिक बुराइयाँ, छुआ-छूत, दलितों एवं महिलाओं को शिक्षित न होने देने वाले ढोंग-ढकोसलों का बोल-बाला था। महात्मा फुले ने इन सामाजिक बुराइयों को दूर करने के लिए देश के दलितों के लिए पहली पाठशाला । खोली। महात्मा फुले लड़के व लड़कियों में भेद-भाव करने वालों के विरोधी थे। वे कन्या पाठशाला खोलने वाले पहले भारतीय थे और लड़कियों की शिक्षा की शुरुआत उन्होंने अपने घर से ही की। सबसे पहले उन्होंने अपनी पत्नी सावित्री बाई को पढ़ाया। जो उनके द्वारा खोली गई पहली कन्या पाठशाला की शिक्षिका बनी। ज्योतिबा फुले के प्रशंसनीय कार्यों के कारण ही मुंबई के लोगों ने उन्हें महात्मा की पदवी दी। डॉ० भीम राव अम्बेडकर – देश की स्वतन्त्रता के बाद संविधान बनाते समय डॉ० अम्बेडकर ने अस्पृश्यता या छुआछूत मिटाने के लिए महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए – भारत के प्रत्येक नागरिक को चाहे वह किसी भी धर्म, जाति या लिंग का हो, समान अधिकार और समान अवसर प्राप्त हैं। वर्षों से भेदभाव के शिकार जातियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए संविधान में उनके लिए सरकारी सेवाओं में आरक्षण की भी व्यवस्था की गई है। |
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Fill in the banks 1. Our body is made of unlimited small ………. 2. Lungs are protected in ……… cage. 3. Exchange of ………. takes place in wind pipe. 4. ……….. of fish absorbs oxygen dissolved in water. 5. Sweat conies out of body by ………… present in skin. |
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Answer» 1. Cells 2. Rib 3. Gases 4. dome 5. holes |
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रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए।(क) रात के आकाश में सर्वाधिक चमकीला आकाशीय पिण्ड ____ है।(ख) चन्द्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का _____ है।(ग) चन्द्रमा अपनी धुरी पर ___ दिन ____ घण्टा ___ मिनट में एक चक्कर पूरा करता है।(घ) चन्द्रमा पर पहुँचने वाला प्रथम व्यक्ति ____ था।।(ङ) सूर्यग्रहण के समय ____ की छाया ____ पर पड़ती है।(च) अन्तरिक्ष की यात्रा करने वाले प्रथम भारतीय ____ हैं। |
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Answer» (क) रात के आकाश में सर्वाधिक चमकीला आकाशीय पिण्ड चंद्रमा है। |
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Which organ is helpful in utilisation of oxygen dissolved in water(a) dome (b) stomata(c) mouth (d) Nostrils |
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Answer» Dome is helpful in utilisation of oxygen dissolved in water. |
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It is produced in respiration process .(a) Carbon dioxide (b) Water (c) Energy(d) All the above |
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Answer» (d) All the above |
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अक्षांश रेखा किसे कहते हैं? |
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Answer» दोनों ध्रुवों के बीच ग्लोब पर खींची गई काल्पनिक रेखाओं को अक्षांश रेखा कहते हैं। ये पूर्व से पश्चिम खींची गई हैं। |
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ग्लोब किसे कहते हैं? |
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Answer» ग्लोब, पृथ्वी का लघु रूप में एक वास्तविक प्रतिरूप (Model) है। ग्लोब स्थिर नहीं होते हैं। इनको कुम्हार की चोक या लट्टू के समान घुमाया जा सकता है। हमारी पृथ्वी भी इसी प्रकार अपने अक्ष (धुरी) पर घूमती है। ग्लोब पर महाद्वीपों, महासागरों और देशों को उनके सही आकार के अनुसार दिखाया जाता है। |
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Prepare a model of mechanism of human respiratory system with the help of waste material. |
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Answer» Student collect old bottles, balloons, Y – shaped tube, thread, rubber sheet, knife etc. and prepare a model according to experiment No. 1. |
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देशान्तर रेखा किसे कहते हैं? |
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Answer» दोनों ध्रुवों को मिलाती हुई खींची जाने वाली काल्पनिक रेखा को देशान्तर रेखा कहते हैं। |
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ग्लोब पर अक्षांश रेखाओं की संख्या कितनी होती है? |
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Answer» अक्षांश रेखाओं की कुल संख्या 180 होती है। |
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| 50. |
यदि ग्रीनविच रेखा पर घड़ियों में शाम के 4 बज रहे हों तो भारत की घड़ियों में क्या समय होगा? |
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Answer» भारतीय मानक समय ग्रीनविच मानक समय से 5 घंटा 30 मिनट आगे रहता है। |
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